प्रीति पटेल का दावा: नीरव मोदी की वजह से

बहुचर्चित धोखाधड़ी मामला भारत-UK प्रवासी समझौते की बातचीत प्रभावित हुई

(Priti Patel’s mns24news.com) :- प्रीति पटेल ने दावा किया है ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में हो रही लंबी देरी का असर भारत और ब्रिटेन के बीच प्रवासी समझौते पर पड़ा। उन्होंने कहा कि भारत इस मुद्दे से नाराज था, जिसके कारण दोनों देशों के बीच अवैध प्रवासियों की वापसी से जुड़े समझौते पर बातचीत प्रभावित हुई। प्रीति पटेल ने यह टिप्पणी “डायमंड किंग” पॉडकास्ट के चौथे एपिसोड में की, जो नीरव मोदी पर आधारित चार भागों की नई श्रृंखला है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी, लेकिन लगातार कानूनी चुनौतियों के कारण उसका प्रत्यर्पण अब तक नहीं हो सका।

उनके अनुसार, नीरव मोदी के अधिकांश कानूनी विकल्प अब समाप्त हो चुके हैं और उसका भारत प्रत्यर्पण पहले से कहीं अधिक निकट दिखाई देता है। पटेल ने कहा कि उन्हें यह जानकर हैरानी और निराशा हुई कि नीरव मोदी अभी भी लंदन में है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उसकी

जगह भारत की जेल में होनी चाहिए। उनका मानना है कि इस

देरी ने भारत-ब्रिटेन संबंधों में अनावश्यक रुकावट पैदा की।

भारत में जैवएथेनॉल का बढ़ता उपयोग

पूर्व गृह मंत्री ने यह भी दावा किया कि इसी वजह से भारत सरकार ने

ब्रिटेन से हजारों अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस लेने की प्रक्रिया में

सहयोग नहीं किया। हालांकि, इस दावे पर भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कंजर्वेटिव पार्टी की नेता प्रीति पटेल वर्ष 2019 से 2022 तक ब्रिटेन की गृह मंत्री रहीं। नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े बहुचर्चित धोखाधड़ी मामले में भारत का वांछित आरोपी है और फिलहाल लंदन की पेंटनविले जेल में बंद है। उसके खिलाफ भारत में पीएनबी घोटाले, मनी लॉन्ड्रिंग तथा सबूतों और गवाहों से छेड़छाड़ के मामले लंबित हैं। उल्लेखनीय है कि भारत और ब्रिटेन ने मई 2021 में माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत दोनों देश अपने-अपने यहां रह रहे अवैध प्रवासियों की वापसी में सहयोग करने पर सहमत हुए थे।

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