(Nepal bans mns24news.com देश विदेश) :- नेपाल ने किया बेन ब्रिटिश सेना ने हाल ही में अपनी नई सैन्य टुकड़ी ‘किंग्स गोरखा आर्टिलरी’ का गठन किया है, जिससे गोरखा सैनिकों की भर्ती और भारत-नेपाल संबंधों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इस यूनिट की औपचारिक स्थापना अप्रैल 2025 में की गई थी और अगले तीन वर्षों में लगभग 400 नेपाली गोरखा सैनिकों को इसमें शामिल किया जाएगा। इन सैनिकों को सीधे ब्रिटेन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। ब्रिटेन के सम्राट King Charles III ने भी इस नई यूनिट को विशेष मान्यता प्रदान की है। गोरखा सैनिकों की बहादुरी और सैन्य कौशल विश्वभर में प्रसिद्ध रहे हैं। लंबे समय से नेपाली नागरिक भारतीय और ब्रिटिश सेनाओं में भर्ती होते रहे हैं। हालांकि ब्रिटिश सेना अब अपनी नई गोरखा आर्टिलरी इकाई के
माध्यम से नेपाली युवाओं को सीधे ब्रिटेन में प्रशिक्षित कर रही है,
जिससे क्षेत्रीय सामरिक समीकरणों पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है।
पाकिस्तान की 4 से 5 चौकियां तबाह
इसी बीच भारत-नेपाल सीमा से जुड़े पुराने मुद्दे भी चर्चा में हैं।
ऐतिहासिक रूप से भारत ने 1950 के दशक में नेपाल की उत्तरी
सीमा पर कुछ सुरक्षा चौकियां स्थापित की थीं। बाद में नेपाल सरकार के अनुरोध पर इन चौकियों को विभिन्न चरणों में वापस बुला लिया गया।भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद का प्रमुख आधार 1816 की Treaty of Sugauli है। इस संधि के अनुसार काली नदी को दोनों देशों के बीच सीमा माना गया था। हालांकि काली नदी के वास्तविक उद्गम स्थल को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावे हैं। नेपाल कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्रों को अपना हिस्सा मानता है, जबकि इन क्षेत्रों पर भारत का प्रशासनिक नियंत्रण बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि गोरखा भर्ती और सीमा संबंधी मुद्दे आने वाले समय में भारत, नेपाल और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक चर्चाओं का महत्वपूर्ण विषय बने रह सकते हैं।
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