(छत्तीसगढ़) :- इम्पैनलमेंट मॉनिटर के लिए आवेदन रायपुर राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एजेंसी छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्टेट...
(जिला मुख्यालय) :- स्वरोजगार योजनांतर्गत बैंकों से ऋण उपलब्ध वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुसूचित जाति अंत्योदय स्वरोजगार योजना में लक्ष्य 256 तथा अनुसूचित जनजाति स्वरोजगार योजना में 72 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अनुसूचित जाति अंत्योदय स्वरोजगार...
(राजधानी) :- आज फिर यह क्षेत्र कन्टेनमेंट जोन घोषित फलस्वरूप इस क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इस कन्टेनमेंट जोन की परिसीमाएं पूर्व में खण्डहर खाली प्लाट तक, पश्चिम में...
(जगदलपुर) :- चिटफण्ड से धन वापसी की कार्यवाही छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 के अंतर्गत जिला में चिटफण्ड कंपनियों में निवेश करने वाले के धन वापसी कार्य...
(प्रदेश):- शिक्षकों के 14 हजार 580 पदों पर भर्ती के पदों पर नियुक्ति आदेश जारी किए जाने की सहमति राज्य शासन द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत के लिए नियुक्ति...
(रायपुर):- उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रायपुर द्वारा कोविड-19 के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु नगर पालिक निगम, रायपुर के जोन क्रमांक 10 के अंतर्गत गुरुतेग बहादुर नगर, महावीर नगर, रानी दुर्गावती वार्ड क.50, रायपुर (थाना न्यू राजेन्द्र नगर) में 02 से अधिक नये कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के फलस्वरूप उक्त क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है
इस कन्टेनमेंट जोन की परिसीमाएं पूर्व में राजेश हेयर ड्रेसर तक, पश्चिम में आर.एन. प्रसाद के मकान तक, उत्तर
में सतगुरु किराना स्टोर तक तथा दक्षिण में निर्माणाधीन मकान तक निर्धारित की गई है
कलेक्टर ने कंटेनमेंट जोन में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
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(दुर्ग):- दिव्यांग परिवार को एक लाख राशि प्रदान लोक कल्याणकारी राज्य हर अवसर पर उन लोगों के साथ खड़ा होता हैजो एक हाथ बढ़ाने पर आसमान छूने की क्षमता रखते हैं। दिव्यांगजनों के लिए ऐसी ही अनेक योजनाओं में एक आकर्षक योजना
1 से 12वीं की कक्षायें 2 अगस्त से प्रारंभ
इसमें दिव्यांग दंपत्ति में एक के दिव्यांग होने पर पचास हजार रुपए की
प्रोत्साहन राशि और दोनों के दिव्यांग होने पर एक लाख रुपए की
प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। ई-रिक्शा खरीदने की इच्छा थी लेकिन आर्थिक संसाधन पर्याप्त नहीं थे,
दुर्ग जिले में इस योजना से अनेक हितग्राहियों ने अपनी जिंदगी निर्णायक
दिशा में बदल दी है। इन्हीं में से एक कहानी है हेमंत कुमार साहू की।
वे कमर के नीचे पूर्णतः दिव्यांग हैं ऐसे में चलना-फिरना उनके लिए काफी दुष्कर है
हेमंत को हर महीने पेंशन मिलती है लेकिन आगे बढ़ने का लक्ष्य लिये हेमंत यहीं पर
नहीं रूके। उन्होंने अपने दोस्त की ई-रिक्शा चलाई
जब हेमंत का ब्याह हुआ तब अधिकारियों ने उसे दिव्यांग विवाह
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(प्रदेश):- अतिथि देवो भवः‘ के सिद्धांत पर काम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ जंगल, पहाड़, नदियों से आच्छादित प्रदेश है। यहां 44 प्रतिशत जंगल,...